रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा प्लेटफॉर्म के एक प्रवक्ता ने इंस्टाग्राम पर डेटा प्राइवेसी रेगूलेटर की तरफ से लगाए गए इस फाइन पर कहा कि, 'हम अभी इस फैसले का रिव्यू कर रहे हैं। हम नहीं जानते हैं कि किस आधार पर यह फाइन कैल्कुलेट किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह इंस्टाग्राम पर लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है।
इंस्टाग्राम पर 13 से 17 साल के एज ग्रुप वाले यूजर्स पर फोकस करने के लिए जांच शुरू की गई थी। यह जांच साल 2020 में शुरू हुई थी, जहां उन बच्चों के अकाउंट्स के बारे में जानकारी कंडक्ट की गई, जो इस उम्र में बिजनेस अकाउंट ऑपरेट कर रहे थे।
बता दें Instagram बिजनेस अकाउंट यूजर्स को अपना फोन नंबर या ई-मेल अड्रेस पब्लिश करने की आजादी होती है। जांच में इन बच्चों की ये पर्सनल डीटेल्स विजिबल पाई गई हैं, जिसकी वजह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये फाइन लगाया गया। हालांकि, अभी इस जांच रिपोर्ट की पूरी डिटेल अगले हफ्ते तक सामने आएगी।
आयरलैंड के डेटा प्रोटेक्शन कमीशनर (DPC) के प्रवक्ता ने कहा कि, 'हमने पिछले शुक्रवार को अपना अंतिम फैसला सुनाया जिसमें इंस्टाग्राम पर 405 मिलियन यूरो यानी करीब 3217 करोड़ रुपये का फाइन लगाया गया है।'
फैसले का रिव्यू करेगी कम्पनी -
Meta के प्रवक्ता ने कहा कि Instagram ने साल-दर-साल अपने सेटिंग्स को अपग्रेड किया है। साथ ही, नए फीचर्स भी लाए गए हैं, ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जाए और उनकी जानकारियां प्राइवेट रह सके। साथ ही, प्रवक्ता ने आगे कहा कि हम कंपनी पर लगाए गए जुर्माना से सहमत नहीं हैं और फिलहाल इस फैसले को रिव्यू कर रहे हैं कि किस तरह से यह कैल्कुलेट किया गया है?