अररिया (बिहार) ◆बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान अररिया स्थित एक आवासीय होटल परिसर में आयोजित सीरत कांफ्रेंस में शामिल हुए। उन्होंने अररिया सहित सीमांचल क्षेत्र से आए बुद्धिजीवियों को संबोधित किया।राज्यपाल के आगमन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सर्वप्रथम उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया,जिसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत की।यह सीरत कांफ्रेंस इस्लाम और पैगंबर हजरत मुहम्मद के बताए रास्तों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। अपने संबोधन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया था। उन्होंने कुरान का जिक्र करते हुए बताया कि शिक्षित इंसान अच्छाई और बुराई में फर्क कर पाता है।राज्यपाल ने कहा कि इंसान का दिल इल्म (ज्ञान) का मरकज है। कुरान में भी कहा गया है कि इल्म हासिल करने के लिए चीन भी जाना पड़े तो जाओ, जो उस समय शिक्षा के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि जो इंसानियत को जिंदा रखते हैं, वे लंबे समय तक जिंदा रहते हैं।
इस्लाम का मकसद अमन और नेक रास्ते पर चलना है, लेकिन
आज लोग जातियों में बंट गए हैं, जिसे इस्लाम रोकने की बात
करता है।राज्यपाल ने कहा कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया था। उन्होंने कभी किसी धर्म या जाति की बात नहीं की, बल्कि हमेशा इंसानियत पर जोर दिया। एक अच्छा इंसान ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम का मूल उद्देश्य नैतिकता भाईचारे और ईश्वर के प्रति समर्पण के माध्यम से एक आदर्श इंसान का निर्माण करना है। यह व्यक्तिगत और सामाजिक सुधार पर जोर देता है। पैगंबर मोहम्मद के नाम पर जिस तरह के हिंसक कृत्य देखे जा रहे हैं, वे उनके वास्तविक संदेश और जीवन से बिल्कुल विपरीत हैं। वर्तमान में कुछ लोग उनकी निंदा को बहाना बनाकर एक-दूसरे के खिलाफ हथियार उठाते हैं और समाज में अशांति फैलाते हैं, जबकि पैगंबर का जीवन और आचरण हमें सहिष्णुता, दया, और न्याय का मार्ग दिखाता।
रिपोर्टिंग
विकाश कुमार सिंह,अररिया,बिहार