बिना लाइसेंस धड़ल्ले से चल रहे नर्सिंग होम, पदाधिकारी बना मूकदर्शक

 अररिया (बिहार) ◆पलासी प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध रूप से कई निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों एवं बाजार क्षेत्रों में दर्जनों छोटे-बड़े नर्सिंग होम खुलेआम चल रहे हैं।चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश नर्सिंग होम संचालकों के पास स्वास्थ्य विभाग का वैध लाइसेंस नहीं है।बिना निबंधन और बिना सरकारी मानक पूरा किए मरीजों का इलाज किया जा रहा है।इन अवैध नर्सिंग होम में सामान्य बुखार से लेकर प्रसव, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों तक का उपचार किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां पहुंचते हैं।मगर कई बार गलत इलाज और अनुभवहीन कर्मियों के कारण मरीजों की हालत बिगड़ने की शिकायत भी सामने आती रहती है।सूत्रों की मानें तो कई नर्सिंग होम में न तो प्रशिक्षित चिकित्सक मौजूद रहते हैं और न ही आवश्यक चिकित्सा उपकरण।कुछ जगहों पर कंपाउंडर एवं झोलाछाप लोगों के भरोसे मरीजों का उपचार किया जा रहा है।इसके बावजूद इन नर्सिंग होम का कारोबार दिन प्रतिदिन फल-फूल रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय जांच के अभाव में संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है।स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।प्रखंड क्षेत्र में कई बार शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।ग्रामीणों ने कहा कि गरीब और अशिक्षित मरीजों से मनमाना शुल्क भी वसूला जाता है।प्रसव के नाम पर हजारों रुपये और छोटी बीमारी में भी भारी बिल थमा दिया जाता है।नियम के अनुसार निजी नर्सिंग होम के संचालन के लिए लाइसेंस, योग्य चिकित्सक, प्रशिक्षित स्टाफ एवं जरूरी संसाधन होना अनिवार्य है।लेकिन पलासी में अधिकांश केंद्र इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।लोगों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से अवैध नर्सिंग होम की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।इधर इस संबंध में पूछे जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने जांच कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। बिना लाइसेंस धड़ल्ले से चल रहे नर्सिंग होम, पदाधिकारी  बना मूकदर्शक