सिकटी को बाल विवाह और बाल तस्करी मुक्त बनाने का संकल्प

अररिया (बिहार) ◆सिकटी  प्रखंड को नशा,बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल यौन शोषण और  जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्त बनाने को लेकर आज दिनांक सोमवार  को प्रखंड मुख्यालय सभागार में प्रखंड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियदर्शी राजेश पारयट ने की। कार्यक्रम का संचालन जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने किया।
जिला प्रशासन अररिया, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन और जागरण कल्याण भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बैठक में भारत सरकार, बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल विकास निगम के सहयोग से चलाए जा रहे बाल संरक्षण अभियान पर चर्चा की गई।
बैठक में बीडीओ प्रियदर्शी राजेश पारयट ने पंचायत एवं वार्ड स्तर पर गठित बाल समितियों को तत्काल सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा के लिए गठित समितियां केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित बैठक कर गांव-गांव में बाल विवाह, बाल श्रम और बाल उत्पीड़न जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी भूमिका निभाएं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम में सिकटी  प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, उप प्रमुख, मुखियासंघ के अध्यक्ष , थानाध्यक्ष सिकटी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल संरक्षण कार्यकर्ता एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने एकजुट होकर अररिया जिले को बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल यौन शोषण और नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
जागरण कल्याण भारती के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर दिपेश कुमार ने कहा कि कम उम्र में विवाह बेटियों के भविष्य को प्रभावित करता है। बेटियों को बाल विवाह नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है और इसकी रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर आगे आना होगा।प्रशासन एवं संस्था की ओर से आम लोगों से अपील की गई कि बाल विवाह, बाल श्रम या बाल उत्पीड़न की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर शिकायत करें। बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से बच्चों को शोषण और तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और बाल संरक्षण से जुड़े कर्मियों ने बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक रूप से अपनी प्रतिबद्धता जताई।