अररिया (बिहार) ◆जोकीहाट। प्रखंड क्षेत्र की दभरा पंचायत के वार्ड संख्या 10 में भीषण अग्निकांड की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस अगलगी में दस परिवारों के घर जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखे कपड़े, अनाज, नकदी, बर्तन, फर्नीचर और अन्य जरूरी घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गए। इस घटना में प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों के सामने सबसे बड़ी समस्या सिर छिपाने और भोजन की व्यवस्था करने की है। घर और उसमें रखा सामान नष्ट हो जाने के कारण प्रभावित परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक आई इस विपदा ने परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पीड़ित परिवारों को अब प्रशासनिक सहायता और राहत का इंतजार है सरकारी प्रावधान के तहत मिल सकती है सहायता
बिहार सरकार के प्रावधानों के तहत अग्निकांड में मकान क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 1.20 लाख रुपये और कच्चे मकान के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता का उल्लेख किया गया है। हालांकि, वास्तविक सहायता मकान की स्थिति, क्षति के आकलन और लागू सरकारी नियमों के आधार पर निर्धारित होगी।
सीओ करेंगे नुकसान का आकलन
अगलगी से प्रभावित परिवारों को सहायता प्राप्त करने के लिए अंचलाधिकारी (सीओ) के समक्ष आवेदन देना होगा। इसके बाद राजस्व कर्मियों के माध्यम से स्थल निरीक्षण कराकर हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र परिवारों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।अब प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेगा और उन्हें आवश्यक राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराएगा, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।