विद्यालय भवन निर्माण को लेकर स्कूली बच्चों ने दिनभर दिया धरना

बांका (बिहार) ◆ नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बबुरा महादलित टोले के बच्चों ने शनिवार को विद्यालय भवन निर्माण को लेकर दिन भर धरना दिया। बबुरा चौक के सामुदायिक भवन में धरना पर बैठे बच्चों ने शिक्षा है मौलिक अधिकार इसे मत छीनो नीतीश सरकार, शिक्षा को अपनाना है जीवन से अंधकार मिटाना है, आदि जैसे नारों को बुलंद किया। बच्चे अमित, गोबिद, गौतम, बादल, आशीष, बिक्की, अनोखा, उजाला, आंचल, अनुष्का आदि बच्चों ने बताया कि गांव में विद्यालय नहीं होने से एक किलोमीटर दूर उर्दू मध्य विद्यालय जाना पड़ता है। वहां भी बैठने की जगह नहीं रहने से खेतों में धूप में बैठना पड़ता है। दो कमरे वाले इस उर्दू मध्य विद्यालय को खुद पढ़ने वाले सात सौ से अधिक बच्चे हैं। इसके बावजूद एनपीएस बबुरा को भवन के अभाव में समायोजित कर दिया गया। इससे बच्चों का पठन पाठन नहीं हो रहा है। बच्चों ने बताया कि शाम को स्कूल की छत पर बैठे असामाजिक तत्व पानी टंकी में ढक्कन नहीं होने से पान पुड़िया खाकर थूक देते हैं। धरना का नेतृत्व कर रहे वार्ड सदस्य उपेंद्र दास एवं संजीत कुमार भगत, उमाशंकर ठाकुर, भगवान दास, सूरज पासवान, उचित नारायण चौधरी, जितेंद्र दास आदि ने बताया कि महादलित टोले से विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण एनपीएस बबुरा 2012 में स्वीकृत हुआ। कुछ दिन चौपाल पर चला। बाद में विद्यालय को उर्दू विद्यालय में समायोजित कर दिया गया। जबकि महादलित टोले में पांच डिसमल सरकारी जमीन है। इसपर विद्यालय भवन का निर्माण करा देने से बच्चों को सुविधा होगी। ग्रामीणों ने कहा कि इसके समाधान के लिए प्रशासन को 15 दिनों समय दिया है। इसके बाद बच्चे अभिभावकों के साथ सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

(रिपोर्टर : दिलावर अंसारी, बिहार)