अररिया (बिहार) ◆ शहर के रामकृष्ण आश्रम में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय श्री कृष्ण भवनामृत केंद्र वृंदावन वाशी श्रीमान ध्रुवनारायण प्रभु द्वारा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जो 19 जून से शुरू होकर 25 जून रविवार को भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा के साथ समाप्त होने वाली कार्यक्रम के चौथे दिन गुरुवार को ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास जी कहते है कि भीष्म पितामह भगवान के अनुभॉव को बताते हैं कि भगवान राम, सीता के विरह में रोते है।
यदि नहीं रोते तो विधर्मी उन्हें कठोर ही हृदय कहते। यदि रोते हैं तो कमजोर कहते है। भगवान राम ना तो दुखी है,न ही नाकामी व ना ही पत्थर हृदय के है।भगवान दिखा रहे हैं कि कामि पुरुषों को कितना दुख झेलना पड़ता है। जो भागवत के स्कंध 09 के 10 वे अध्याय व 11 वे श्लोक में कहा गया है "कृपणवत् प्रियया वियुक्तः स्त्रीसङ्गिनां गतिमिति प्रथयंश्चचार ॥".आगे भीष्म पितामह कह रहे है कि भगवान राम वानर से सहायता लिए। जबकि भगवान राम अकेले भी सब कर सकते थे परंतु एक आदर्श नेता को कैसे सबको सेवा में लगाना चाहिए ये दिखाना चाहते है। यह उनकी भगवत्ता है कि बंदरों तक को अपने इशारे पर युद्ध करवा लिया जो कोई मनुष्य नहीं कर सकता। आगे भीष्म पितामह बताते है कि वर्ण व्यवस्था जाति के आधार पर ना होकर अलग-अलग मनुष्य के स्वभाव के अनुसार है। किसी भी समाज में, सोसाइटी में, कंपनी में ,देश में , यह चार विभाजन पाए जाते है। बुद्धिमान वर्ग, प्रशासक वर्ग, व्यापारी वर्ग व मजदुर। इस विभाजन के बिना मैनेजमेंट संभव नही। यह विभाजन सनातन शास्त्रों में बड़े वैज्ञानिक ढंग से गुण ,कर्म और स्वभाव के अनुसार है। जाति के अनुसार नहीं "पुरुषस्वभावविहितान्यथावर्णं"जो भागवत में वर्णन है। बताते चले कि कथा में सांसद प्रदीप कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार झा व अन्य ने श्री मद भागवत ज्ञान यज्ञ में पहुच कर कथा व्यास को माला पहना कर उसका अभिवादन किया था। चौथे दिन कथा में अररिया इस्कॉन कमिटी की ओर से दिल्ली ईस्ट ऑफ कैलाश के इस्कॉन आश्रम इंचार्ज मोहन श्याम प्रभु जी द्वारा कथा व्यास श्री श्रूव नारायण प्रभु को माला पहना कर कथा का शुभारंभ हुआ। इतना ही नही शहर के अररिया कला केंद्र के नृत्य निर्देशिका मौसमी सिन्हा के द्वारा प्रशिक्षित बच्चे ने भगवान को राधा ने मथुरा जाने से रोकते है पर नाटक प्रस्तूत किया.प्रस्तूटी को देख आगन्तुक श्रद्धालुओं भाव विभोर हो गए व श्रद्धालुओं का मन मुग्ध कर दिया। ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सुबह रामकृष्ण आश्रम में जगन्नाथ जी का मंगला आरती कर नगर कीर्तन भी निकाला गया। जिससे शहर में भक्तिमय माहौल व्याप्त है। कथा ज्ञान यज्ञ में विदेशी स्वामी रसिया से आये कृष्ण अस्मरण दास व अमरीश के द्वारा हिंदी भजन गाये जो श्रद्धालुओं का मुख्य केंद्र बने रहे। मौके पर धनंजय प्रभु, लब्द गोविंद दास, जगदीश गोपाल प्रभु, अर्जुन ऋषिकेश, दिव्यांमबर दास, आदि पुरुष दास, अकुंठ दास, चंदन प्रभु, अमर प्रभु, कुंदन प्रभु, ज्ञान प्रकाश गुप्ता प्रभु, संजय प्रभु, विक्की प्रभु,माधव प्रभु, अरुण कुमार प्रभु, सुदीप्तो प्रभु, विश्वमोहन प्रभु, सर्वात्मा मुरारी प्रभु, डॉ प्रकाश प्रभु, श्री अनिल कुमार यादव दिया होटल का मालिक, श्री दीपंकर दासगुप्ता वार्ड कमिश्नर वार्ड नंबर 22, देवेश जी घोष वार्ड नंबर 14, अध्यक्ष श्री विजय कुमार मिश्रा चेयरमैन, श्री गुड्डू कुमार, नरेश कुमार तथा अन्य भक्तगण मौजूद रहे।
रिपोर्टिंग
टिंकू दास गुप्ता
ब्लॉक ब्यूरो चीफ, अररिया (बिहार)