पूर्णिया में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का भूमिसुधार कार्यक्रम पूरण देवी मंदिर में टेकेंगे मत्था,जमीन से जुड़ी समस्याओं पर जनता से सीधा संवाद करेंगे

पूर्णिया (बिहार) ◆पूर्णिया में जमीन और राजस्व से जुड़े पेंडिंग मामलों के समाधान के लिए आज भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा आम लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुरुवार रात ही सर्किट हाउस पहुंच गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूलों की माला पहनाकर और बुके देकर जोरदार स्वागत किया। सुबह करीब 9 बजे मां पूरण देवी मंदिर जाएंगे। वहां पहुंचकर मां के दरबार में मत्था टेकेंगे। साथ ही मां पूरण देवी की पूजा अर्चना करेंगे।
इसके बाद वापस सर्किट हाउस पहुंचेंगे। ब्रेकफास्ट के बाद तय
कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे।कार्यक्रम दो पालियों में होगा। पहली पाली का कार्यक्रम प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी में सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक होगा। जहां डिप्टी सीएम आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान जमीन से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात होगी। दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को लेकर जो भी दिक्कतें लोगों को हो रही है, उन्हें मौके पर ही सुना जाएगा।
खास बात यह है कि अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी
शिकायतकर्ता के सामने बैठेंगे, ताकि समस्या को ठीक से
समझा जा सके और तुरंत समाधान की दिशा तय हो सके।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों का रजिस्ट्रेशन सुबह 9
बजे से 10:30 बजे तक किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन अंचल के
अनुसार होगा। आवेदन में नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर
लिखना जरूरी होगा। इससे लोगों को उनकी शिकायत पर
क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी मोबाइल मैसेज के जरिए
मिलती रहेगी।दूसरी पाली में दोपहर 3:30 बजे से 5 बजे तक होगी।समाहरणालय के महानंदा सभागार में राजस्व विभाग की
समीक्षा बैठक होगी। इस बैठक में जिले के सभी वरीय अधिकारी, भूमि सुधार से जुड़े पदाधिकारी, अंचलाधिकारी
और राजस्व कर्मचारी शामिल होंगे। बैठक में जिले में चल
रही दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी और अन्य
ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की
जाएगी। साथ ही अभियान बसेरा-2 की प्रगति पर भी विशेष
ध्यान दिया जाएगा।डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के जरिए सरकार का उद्देश्य जमीन से जुड़ी सेवाएं समय पर और सही तरीके से लोगों तक पहुंचाना है। भूमि रिकॉर्ड अपडेट करना और जमीन विवाद कम से कम करना है। इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासन भी ज्यादा पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनेगा। ये कार्यक्रम उन लोगों के लिए खास मौका है, जो लंबे समय से जमीन से जुड़े मामलों को लेकर परेशान हैं और समाधान का इंतजार कर रहे हैं।