पलासी थाना में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की बैठक मानव तस्कर और बाल शोषण से मुक्तिउद्देश्य, पैम्फ्लेट के माध्यम से जागरूक किया गया

अररिया (बिहार) ◆पलासी,अररिया जिले के बुधवार को पलासी थाना परिसर में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला पुलिस प्रशासन अररिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया और जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज केसंयुक्त तत्वावधान में 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' के सहयोग से 'एक्सेस टू जस्टिस' कार्यक्रम के अंतर्गत हुई। इसकी अध्यक्षता पलासी थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार ने की।
कार्यक्रम का संचालन जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष
संजय कुमार ने किया। इसमें जिला परिषद सदस्य अमर
सिंह, मुखिया जितेंद्र मंडल ( पकड़ी), उप मुखिया रमन कुमार
विश्वास, मो. आदिल (पंचायत भीखा) और पूर्व मुखिया प्रमोद
कुमार साह जैसे अतिथि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य
अररिया जिले को बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल श्रम और
बाल यौन शोषण से मुक्त बनाना था।


इस दौरान थाना बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी प्रमोद
कुमार, अन्य पुलिस अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
अररिया के पीएलवी अविनाश कुमार, लाल बहादुर शास्त्री
स्मारक +2 उच्च विद्यालय पलासी की बालिकाएं और
शिक्षकगण, जागरण कल्याण भारती के दीपक पासवान व
अंकुश यादव सहित थाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, टेंट,
बाजा और फोटोग्राफर व्यवसायी तथा सम्मानित जनमानस
मौजूद रहे। सभी को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में
विस्तार से समझाया गया।


उपस्थित लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न
कल्याणकारी योजनाओं जैसे आयुष्मान कार्ड, विधवा पेंशन,
वृद्धा पेंशन, जन्म प्रमाण पत्र, श्रमिकों का पंजीकरण, सुमंगला
योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की जानकारी
दी गई। इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रखंड विकास
पदाधिकारी, पलासी से संपर्क करने का अनुरोध किया गया।
समुदाय और गांवों में बाल विवाह न होने देने और न करने की
शपथ बैनर व पंपलेट के माध्यम से दिलाई गई।


इस अभियान के तहत एक सराहनीय कार्य भी सामने आया।
पलासी थाना अंतर्गत चहतपुर पंचायत वार्ड 08 निवासी
श्यामलाल ततमा ने जनवरी माह में होने जा रहे एक बाल
विवाह को सफलतापूर्वक रुकवाया। उनके इस प्रयास के लिए
आज थाना परिसर में उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम
में स्कूल की बालिकाओं और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
रही।