बाल श्रम मुक्त अररिया अभियान को मिला जनसमर्थन, पलासी प्रखंड के विभिन्न कार्यालयों में दिलाई गई शपथ

अररिया (बिहार) ◆पलासी (अररिया)। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर अररिया जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से पूरे जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार के निर्देशानुसार 1 जून से 30 जून तक विशेष अभियान के तहत विभिन्न सरकारी विभागों, पंचायतों, विद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज, Just Rights for Children, जिला पुलिस प्रशासन अररिया तथा जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम के खिलाफ समाज को जागरूक करना तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि बच्चों का भविष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण से जुड़ा है, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार के श्रम में नहीं लगाया जाना चाहिए।
इसी क्रम में बुधवार को पलासी प्रखंड के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनरेगा कार्यालय, सीडीपीओ कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, शिक्षा विभाग, Palasi Police Station, चहटपुर पंचायत तथा चहटपुर पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 80 एवं 217 के कर्मियों, अधिकारियों, सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने बाल श्रम के खिलाफ आवाज उठाने और अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित करती है। इसे समाप्त करने के लिए केवल कानून का सहारा पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी और जागरूकता आवश्यक है। जब तक आम लोग बाल श्रम के प्रति संवेदनशील नहीं होंगे और इसके विरुद्ध खड़े नहीं होंगे, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा मजदूरी करने के लिए मजबूर न हो। यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जानी चाहिए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करेंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। अभियान के तहत पूरे जून माह में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।बाल श्रम मुक्त अररिया अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, विभिन्न विभागों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रम रोकना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में समाज को एकजुट करना भी है। इस पहल से जिले में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ने और बाल श्रम उन्मूलन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।