भारत-नेपाल सीमा पर 'नया सवेरा 3.0' का विशेष अभियान, बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल विवाह व नशामुक्त समाज के लिए लोगों को किया जागरूक

अररिया (बिहार) ◆बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना के अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार संचालित "नया सवेरा 3.0" अभियान के तहत गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र जोगबनी में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (नई दिल्ली) तथा कटिहार रेल जिला पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। अभियान का नेतृत्व रेल थाना जोगबनी के थानाध्यक्ष ने किया।
इस दौरान जोगबनी बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा सीमा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से संवाद कर बाल श्रम, बाल मानव तस्करी, बाल विवाह और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य अररिया जिले को बाल श्रम मुक्त, बाल मानव तस्करी मुक्त, बाल विवाह मुक्त एवं नशामुक्त जिला बनाने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को बताया कि बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। इसी प्रकार किसी भी बच्चे या व्यक्ति की मानव तस्करी, बाल विवाह तथा नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन समाज और भविष्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इन अपराधों को रोकने में आम नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि यदि उन्हें बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सीमा क्षेत्र या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे, बाल श्रम कराया जा रहा हो, बाल विवाह की तैयारी हो रही हो अथवा मानव तस्करी जैसी गतिविधि की आशंका हो तो तत्काल 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) अथवा 112 (आपातकालीन सेवा) पर सूचना दें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आए और किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाए। सामूहिक प्रयासों से ही बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और नशे जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। अभियान में पुलिस पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्वयंसेवकों ने लोगों के बीच जागरूकता संदेश पहुंचाते हुए बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। लोगों ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए प्रशासन और सामाजिक संगठनों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। नया सवेरा 3.0" अभियान के माध्यम से सीमा क्षेत्र में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ अररिया जिले को सुरक्षित, जागरूक और अपराधमुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।