अररिया को बाल विवाह और बाल तस्करी मुक्त बनाने का संकल्प प्रखंड प्रमुख की अध्यक्षता में हुई बैठक

अररिया (बिहार) ◆आज दिनांक 11.08.2026 को प्रखंड मुख्यालय सभागार फारबिसगंज में अररिया जिले को बच्चों के लिए सुरक्षित और शोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रखंड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख ओम प्रकाश पासवान ने की, जबकि मंच का सफल संचालन 'जागरण कल्याण भारती' (फारबिसगंज) के अध्यक्ष संजय कुमार ने किया।
यह कार्यक्रम जिला प्रशासन अररिया और, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन, जागरण कल्याण भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस मुहिम को भारत सरकार, बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल विकास निगम का विशेष सहयोग प्राप्त है। वार्ड और पंचायत स्तर पर गठित बाल समितियों को सक्रिय करने का निर्देश बैठक में  कर्मजीत राम प्रखंड विकास पदाधिकारी फारबिसगंज रूप से कड़े निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर बाल अधिकारों की रक्षा के लिए वार्ड एवं पंचायत स्तर पर जो बाल समितियां गठित की गई हैं, उन्हें तुरंत धरातल पर सक्रिय किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन समितियों की नियमित बैठकें सुनिश्चित करें ताकि जमीनी स्तर पर बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों पर रोक लगाई जा सके। 
जनप्रतिनिधियों ने लिया संकल्प कार्यक्रम में प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया और पंचायत समिति सदस्यों ने हिस्सा लिया। सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे  मिलकर अररिया जिला को बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल यौन शोषण और नशा मुक्त बनाएंगे ।बेटियों को शादी नहीं, शिक्षा और अवसर चाहिए | जागरण कल्याण भारती जिला समन्वयक दीपक कुमार पासवान एवं ब्लॉक कॉर्डिनेटर विक्रम कुमार साह ने कहा कि छोटी उम्र में विवाह बेटियों के भविष्य को अंधकार में धकेलता है। आज बेटियों को बाल विवाह नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर चाहिए। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि बाल विवाह कानूनन एक दंडनीय अपराध है और समाज के हर नागरिक को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।आपातकाल के लिए हेल्पलाइन नंबर्स जारी प्रशासन और संस्था ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी बाल विवाह, बाल श्रम या बाल उत्पीड़न की शिकायत इन नंबरों पर दर्ज कराएं: चाइल्डलाइन: 1098 / 1928 (24 घंटे उपलब्ध) महिला हेल्पलाइन: 181 आपातकालीन सेवा: 112 इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बाल संरक्षण कार्यकर्ताओं और गणमान्य ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।