बाल विवाह के खिलाफ शिक्षकों ने भरी हुंकार, अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने का लिया संकल्प

अररिया (बिहार) ◆आज दिनांक 05,09,2026 को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन (JRC), जागरण कल्याण भारती के द्वारा बाल विवाह के रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका परिचर्चा एवं जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन प्लस टू उच्च विद्यालय अमौना, नगर परिषद जोगबनी में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रेश्रीप्रिया ने किया, वही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास, जोगबनी नगरपरिषद की अध्यक्ष रानीदेवी, 56 वाहिनी SSB बथनाहा के SI सुरेन्द्र कुमार, मध्य विद्यालय अमौना  प्रधानाध्यापक मुरली कुमार ,एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन(AVA) के बाल अधिकारी(CRA) यशवंत कुमार ओझा ने परिचर्चा में अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस घोषणा करने के लिए बिहार सरकार, भारत सरकार और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन रिभु को बढ़ाई देते हुये अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए शिक्षकों के साथ साथ जनप्रतिनिधि, समाज, प्रशासनिक पदाधिकारियों से अपील किया कि हम सब मिलके अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाए तभी अररिया जिला मुक्त होगा, तभी बिहार मुक्त होगा और तभी भारत मुक्त होगा । 
कार्यक्रम का संचालन जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने करते हुए जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आज एक बहुत बड़ी घोषणा की गई है कि *27 नवंबर अब से "अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस" के रूप में* ऑब्जर्व किया जाएगा। यह दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन *भारत वर्ष के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण और गौरवान्वित करने वाला है क्योंकि इसका बीजारोपण हिन्दुस्तान की धरती* से ही हुआ है। *27 नवंबर 2024 को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर भुवन ऋभु ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत विज्ञान भवन* से की। 
बाल विवाह पर जमीनी हस्तक्षेप यानी स्थानीय प्रशासन जैसे बीडीओ, एसडीओ, मुखिया सरपंच, वार्ड सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका एवं संगठनों के कार्यकर्ताओं आदि की मदद से बाल विवाह को लेकर जागरूकता के साथ ही बाल विवाह रोकने की पहल शुरू किया गया था।   जिसका परिणाम है कि दिनांक 4/5 सितंबर के मध्य रात्री में संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा 27 नवंबर अब से अंतराष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस घोषित किया गया है । इस अवसर पे दीपेश कुमार पासवान, अंकुश कुमार यादव, लक्ष्मी कुमारी, विक्रम कुमार शाह, संगम लाल पासवान, रोजी कुमारी, आरती कुमारी, नजराना मेही, रेखा कुमारी, सुभाष कुमार मेहता, राकेश कुमार, मुरली कुमार ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।