गरीबों की समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव लगेगी गरीब चौपाल, 30 से 40 फीसदी मामलों का हो रहा निष्पादन: डॉ. संतोष सुमन

अररिया (बिहार) ◆अररिया। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) की ओर से संचालित गरीब चौपाल यात्रा के तहत शनिवार को अररिया शहर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शिरकत कर गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान का भरोसा दिलाया।इस अवसर पर मंत्री डॉ. सुमन ने कहा कि गरीब चौपाल का मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन को आम लोगों की समस्याओं से सीधे जोड़ना है। सीमांचल सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए पटना या जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। कई बार दिहाड़ी मजदूरी छोड़कर सरकारी कार्यालयों में जाना उनकी मजबूरी बन जाती है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए पार्टी ने गांव-गांव में गरीब चौपाल आयोजित करने का निर्णय लिया है।उन्होंने बताया कि चौपाल में लोगों से भूमि विवाद सहित विभिन्न स्थानीय समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। आवेदनों की जांच के बाद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। उनके मुताबिक, शुरुआती चरण में ही 30 से 40 प्रतिशत मामलों का समाधान हो जाता है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि समाज का कोई भी गरीब और वंचित व्यक्ति खुद को उपेक्षित महसूस न करे।
मंत्री ने कहा कि सरकार के कामकाज का वास्तविक मूल्यांकन गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के जीवन में आए बदलाव से होना चाहिए। केवल घोषणाओं से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और प्रशासन की संवेदनशीलता भी जरूरी है।
आरक्षण के वर्गीकरण का किया समर्थन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. सुमन ने आरक्षण के वर्गीकरण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी दलित, महादलित और वंचित समाज का बड़ा हिस्सा विकास की मुख्यधारा से दूर है। ऐसे में सबसे पिछड़े वर्गों को आगे लाने के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण अथवा विशेष प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए।बिहार में उद्योगों के विस्तार से रोजगार की उम्मीद सीमांचल से युवाओं के पलायन पर उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योग विभाग के माध्यम से नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। गया इंडस्ट्रियल हब का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे एक लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बन रही हैं। इसके अलावा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और एयरपोर्ट जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले तीन से चार वर्षों में बिहार में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी कम होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष किरण कुमार भारती ने की, जबकि राजेन्द्र ऋषिदेव एवं गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक रोहित कुमार, प्रदेश सचिव अनिल यादव और भरत ऋषिदेव सहित पार्टी के कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में महादलित समाज के लोगों के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।