पूर्णिया (बिहार) ◆ पूर्णिया विश्वविद्यालय के वीसी एफओ यानी वित्त पदाधिकारी और वित्तीय सलाहकार (एफ) से राज्य सरकार रिकवरी करने वाली है। सरकार ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को दिया है। दरअसल, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति, वित्त पदाधिकारी और वित्तीय सलाहकार रिटायर्ड होने के बाद भी सैलरी और पेंशन दोनों ले रहे थे। इसको लेकर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने सरकार से पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। इस मामले को लेकर यह कार्रवाई की गई है।पूर्णिया विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. घनश्याम राय ने बताया कि तीन रिटायर्ड पदाधिकारियों ने पूर्णिया विश्वविद्यालय में जब से योगदान दिया है, तबसे पेंशन की राशि घटाये बिना ही पूर्ण वेतन उठा रहे हैं। जबकि नियम के अनुसार उन्हें पेंशन की राशि घटने बाद बची हुई राशि वेतन के रूप में दी जानी चाहिए। रजिस्ट्रार ने पूरे मामले की संचिका तैयार करने के बाद तीनों अधिकारियों का वेतन स्थगित करने की अनुशंसा की है। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति से वेतन और पेंशन दोनों का लाभ लेने के मामले में रजिस्ट्रार डॉ. घनशायम राय ने बताया कि वीसी राजनाथ यादव रिटार्यमेंट के बाद वीसी बने और इसके बाद भी वे विश्वविद्यालय से वेतन ले रहे हैं। जबकि नियम के अनुसार उन्हें पेंशन काटकर वेतन दिया जाना चाहिए। रजिस्ट्रार ने बताया कि अगर सारी राशि को घटा दिया तो भी उनसे 30 लाख से ऊपर की रिकवरी होगी।
रिपोर्टिंग
सुनिल कुमार यादव
स्टेट ब्यूरो चीफ, बिहार