अररिया (बिहार) ◆ शहर के रामकृष्ण आश्रम में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय श्री कृष्ण भवनामृत केंद्र वृंदावन वाशी श्रीमान ध्रुवनारायण प्रभु द्वारा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जो 19 जून से शुरू होकर 25 जून रविवार को भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा के साथ समाप्त होने वाली कार्यक्रम के पांचवे दिन शुक्रवार को ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास जी कहते है कि धर्म का अर्थ स्वभाव या कर्तव्य होता है.जैसे चीनी का धर्म है मीठा यह उसका स्वभाव है उसी प्रकार राजा का धर्म है प्रजा पालन जो उसका कर्तव्य है। इसी में भीष्म पितामह चारों वर्ण विभाजन के कर्तव्य के बाद विभिन्न आश्रमों का कर्तव्य बताएं। ठीक उसी प्रकार विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन करना अति आवश्यक है। इसी जीवन पर कथा व्यास जी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी महिला या पुरुष दोस्तों के फेर में पड़ने से उनकी स्मरण शक्ति का ह्रास हो रहा है। भीष्म पितामह अपने ब्रह्मचर्य व्रत के कारण मृत्यु शैया पर भी ठीक से सोच समझ सकते है। आगे भीष्म पितामह ने यह भी बताया कि जब मनुष्य यंत्रों के ऊपर अत्यधिक निर्भर हो जाएगा तो भूखमरी व अशांति होगी। जैसे आज के युग में देखा जा रहा है। आत्मनिर्भरता व कृषि उत्पादन अति आवश्यक बताया गया है क्योंकि कृषि उत्पादन के अभाव में हम नट- बोल्ट खा कर तो जीवित रह नहीं सकते है। भीष्म पितामह हमें शिक्षा देते हैं कि यदि भगवान के नाम रूप गुण लीला में मन नहीं लगा तो बाकी सब कर्तव्य करते हुए भी मनुष्य जीवन व्यर्थ चला जाएगा और मुक्ति की प्राप्ति नहीं होगी। कथा प्रारंभ होने से पहले कथा व्यास ध्रुव नारायण प्रभु को संजय प्रभु द्वारा माला पहना कर स्वागत किया। कथा के पश्चात दिल्ली ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन के इंचार्ज मोहन श्याम प्रभु के माता-पिता मंजू देवी माता जी व प्रमोद कुमार मिश्रा प्रभु जी को कथा व्यास ध्रुव नारायण प्रभु जी द्वारा माला व हरे कृष्ण का पट्टा देकर सम्मानित किये जो हम सबों के लिए प्रेरणा है। इतना ही नही शहर के अररिया कला केंद्र के नृत्य निर्देशिका मौसमी सिन्हा के द्वारा प्रशिक्षित बच्चे ने राधा कृष्ण लीला पर नाटक व नृत्य प्रस्तूत किया। प्रस्तूटी को देख आगन्तुक श्रद्धालुओं भाव विभोर हो गए व श्रद्धालुओं का मन मुग्ध कर दिया। ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन सुबह रामकृष्ण आश्रम में जगन्नाथ जी का मंगला आरती किया गया। जिससे शहर में भक्तिमय माहौल व्याप्त है। कथा ज्ञान यज्ञ में विदेशी स्वामी रसिया से आये कृष्ण अस्मरण दास व अमरीश के द्वारा हिंदी भजन गाये जो श्रद्धालुओं का मुख्य केंद्र बने रहे। मौके पर धनंजय प्रभु, लब्द गोविंद दास,जगदीश गोपाल प्रभु, अर्जुन ऋषिकेश, दिव्यांमबर दास,आदि पुरुष दास, अकुंठ दास, चंदन प्रभु, राकेश प्रभु, अमर प्रभु, कुंदन प्रभु, ज्ञान प्रकाश गुप्ता प्रभु, संजय प्रभु, विक्की प्रभु, माधव प्रभु, अरुण कुमार प्रभु, सुदीप्तो प्रभु, विश्वमोहन प्रभु, सर्वात्मा मुरारी प्रभु, डॉ प्रकाश प्रभु, राणा मलिक के अलावे दर्जनो भक्त के अलावे दर्जनो प्रभु मौजूद थे।
रिपोर्टिंग
टिंकू दास गुप्ता
ब्लॉक ब्यूरो चीफ, अररिया (बिहार)