सांसद दुलालचंद गोस्वामी को ग्रामीणों ने भगाया: वज्रपात से एक व्यक्ति की हुई थी मौत, सांसद ने नहीं की कोई मदद, लोगों ने मुर्दाबाद के लगाए नारे

कटिहार (बिहार) ◆ अपनी जुबानी विवाद से सुर्खियों में रहने वाले कटिहार संसदीय क्षेत्र से JDU सांसद दुलालचंद गोस्वामी को कदवा प्रखंड बाजार में विरोध का जबरदस्त सामना करना पड़ा। सांसद वज्रपात से हुई युवा किसान की मौत पर उनके परिजनों से मिलने गए थे। परिजनों को सांत्वना देने के दौरान घरवाले आक्रोशित हो गए। इस बीच ग्रामीणों ने दुलाल चंद्र गोस्वामी मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया । वहीं ग्रामीणों ने सांसद के आंख से आंख मिलाकर आगमी लोकसभा चुनाव में सबक सिखा देने की धमकी भी दे दी है। सांसद मदद न कर पाने की अपनी दलील देते रह गए, लेकिन लोगों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें गांव से भगा दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद को वहां से लौटना पड़ा। दरअसल, 2 दिन पहले स्थानीय युवा किसान पंकज भगत की खेत में कामकरने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल परिसर में लाए गए मृतक के शव का जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराने को लेकर सांसद और जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया। देर शाम तक पीड़ित परिजनों को पोस्टमार्टम कराकर शव सपुर्द कर दिया जाए, ताकि जल्द अंतिम संस्कार कर दिया जा सके। सांसद ने पीड़ित परिजनों की समस्याओं को सुनकर नजर अंदाज कर दिया। इतना ही नहीं समस्याओं का समाधान करना तो दूर उन्होंने दोबारा कॉल करने पर अपना मोबाइल बंद कर लिया। इस बात पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे थे। जब सांसद ने समस्या को नजर अंदाज कर दिया तो पीड़ित परिजनों ने अपनी बात एमएलसी अशोक अग्रवाल को फोन कर बताई। एमएलसी अशोक अग्रवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए देर रात डीएम से अनुरोध किया तब जाकर शव का पोस्टमार्टम हुआ। आक्रोशित परिजनों का कहना है कि सांसद सिर्फ अपने वोट बैंक के लिए हमारे पास पहुंचते हैं। जब हमें उनकी जरूरत होती है, तब यह हमारी समस्याओं को नजर अंदाज कर अपना फोन स्विच ऑफ कर लेते हैं ।

रिपोर्टिंग
सुनिल कुमार यादव
स्टेट ब्यूरो चीफ, बिहार