अररिया (बिहार) ◆पुलिस ने मक्का व्यवसायी के द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश किया है। पलासी थाने में दर्ज लूट की घटना के बाद अनुसंधान के क्रम में खुलासा हुआ कि मक्का व्यवसायी ने ही लूट की घटना की साजिश रची थी।एसपी अंजनी कुमार ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बकायेदारों और ट्रक की किश्ती देने से बचने के लिए मक्का व्यवसायी ने खुद ही लूट की साजिश
रची थी। जिसे पुलिस ने अनुसंधान में पर्दाफाश किया है। पुलिस ने व्यवसायी के घर से 37 हजार रुपये नगद और मोटरसाइकिल की चाबी बरामद की है। एसपी ने बताया कि
पलासी थाना क्षेत्र के ग्यासपुर वार्ड संख्या एक के रहने वाले मक्का व्यवसायी गयाधर मांझी ने बुधवार को पलासी थाने में तीन लाख 10 हजार रुपए लूट का मामला दर्ज कराया था। शुरुआती अनुसंधान में ही यह लूट का मामला फर्जी निकला।एसपी ने बताया कि मक्का व्यवसायी ने लिखित आवेदन दिया
था कि मक्का बेचा हुआ तीन लाख 10 हजार रुपए लेकर वह चौरी के रास्ते अपने घर जा रहे थे। इसी बीच पलासी थाना से एक किलोमीटर आगे पैक्स गोदाम के पास एक उजले रंग की अपाचे गाड़ी पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने ओवरटेक
कर उनकी बाइक को रोका। इसके बाद डिक्की में रखा रुपए लूट लिया और बाइक की चाबी लेकर फरार हो गए। एसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता गयाधर मांझी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में पलासी के थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार व डीआईयू की टीम शामिल थी।एसपी ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए अररिया के एसडीपीओ के नेतृत्व में डीआईयू और थानाध्यक्ष पलासी के साथ एक छापेमारी जांच दल का
गठन किया गया। जांच टीम ने तकनीकी अनुसंधान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया और पैसा देने वाले मो. बकर व लकड़ी दुकानदार जितेंद्र शर्मा से
पूछताछ की। पूछताछ में पैसा लेनदेन की बात सामने नहीं आया। एसपी ने कहा कि घटनास्थल से पहले एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज में भी गयाधर मांझी के उस रास्ते से गुजरने का भी कोई सबूत नहीं मिला और न ही उजला रंग के अपाचे पर सवार दो अज्ञात बदमाशों का ही फुटेज मिला। एसपी ने कहा कि तकनीकी अनुसंधान में भी गयाधर मांझी के घटनास्थल के आसपास होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद गयाधर मांझी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि देनदारी का पैसा देने से बचने और ट्रक का किस्त की रकम नहीं देने के लिए उन्होंने खुद ही फर्जी लूट की साजिश रची थी। एसपी ने बताया कि गयाधर मांझी ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उन्होंने विमलेश साह से 50 हजार रुपये लिया था। जिसमें से 13 हजार खर्च हो गया। बाकी 37 हजार घर में छुपा कर रखा था। जिसे पुलिस ने बरामद किया।
रिपोर्टिंग
टिंकू दास गुप्ता
असिस्टेंट स्टेट ब्यूरो चीफ, बिहार