पूर्णिया में दुर्गा प्रतिमा को तोड़ा भीड़ ने आगजनी की मुस्लिम युवक को पीटा, रस्सी से बांधकर पुलिस के हवाले किया

पूर्णिया (बिहार) ◆पूर्णिया के मजगामा हाट में शुक्रवार को मां दुर्गा की मूर्ति में तोड़फोड़ के बाद लोगों का गुस्सा फूटा है। भीड़ ने आगजनी की है। कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स बुलाई गई है। मूर्ति में तोड़फोड़ के आरोप में भीड़ ने एक मुस्लिम युवक को पकड़कर उसकी पिटाई भी की है। लोगों का आरोप है कि युवक ने ही मूर्ति तोड़ी है। पिटाई के बाद लोगों ने युवक के दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे छुड़ाया और साथ ले गई।पुलिस की माने तो युवक ने भी कबूल किया है कि उसने ही मंदिर में तोड़फोड़ की है। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया है अभी ये साफ नहीं हो पाया है।गांव के शंकर सिंह ने बताया कि, 'दुर्गा पूजा को लेकर मजगामा हाट में मां दुर्गा की प्रतिमा बनाई जा रही है। कल रात कुछ लोगों ने मंदिर के अंदर से मुस्लिम युवक को बाहर आते देखा था।आज सुबह गांव के मंदिर से होकर गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर निर्माणस्थल पर बनाए जा रही मां दुर्गा की क्षतिग्रस्त मूर्तियों पर पड़ी। इसी के बाद गांव में शोर हुआ।इसके बाद आसपास के हजारों लोग मंदिर के बाहर जुट गए। मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़े जाने पर लोगों का गुस्सा भड़क गया।गुस्साए लोगों ने घटना के विरोध में सड़क पर आगजनी करते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।'
शंकर सिंह ने आगे कहा, 'इस बीच गांव का एक शख्स वहा पहुंचा। उसने बताया कि कल रात उसने मंदिर के अंदर से एक मुस्लिम युवक को निकलते देखा था। उसकी हरकतें संदिग्ध थीं। मगर हड़बड़ी में होने की वजह से उस वक्त गौर नहीं
किया। वो उसे देखकर पहचान सकता है।इसके बाद रूप रंग और कद काठी बताने पर लोगों ने उसी पहचान कर ली। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने युवक को पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई की। पिटाई पर पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने ही मूर्ति तोड़ी है। जिसके बाद लोगों ने रस्सी से उसके हाथ बांध दिए और फिर उसे गांव में घुमाते हुए सामुदायिक भवन ले जाने लगे।तभी घटना की सूचना पाकर अनगढ़ थाना की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची।युवक को भीड़ के बीच से निकाला और सामुदायिक भवन के अंदर ले गए। यहां युवक से पूछताछ चल रही है। पुलिस को भी युवक ने अपना जुर्म कुबूल लिया है। युवक इसी गांव का रहने वाला है।' 
मुखिया बोले- ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं करेंगे
मजगामा के मुखिया अबू जागीर ने बताया कि, काफी
अफसोसजनक घटना है। किसी भी कीमत पर समाज इसे
बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यहां सदियों से सभी
समुदाय के लोग मिल जुलकर रहते आ रहे हैं। एक दूसरे के त्योहार को मिलकर मनाते हैं।