जोगबनी, 23 दिसंबर 2025:एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी), जोगबनी में 22 एवं 23 दिसंबर 2025 को मानव तस्करी निरोधक विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया

अररिया (बिहार) ◆जोगबनी, 23 दिसंबर 2025:
एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी), जोगबनी में 22 एवं 23 दिसंबर 2025 को मानव तस्करी निरोधक विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सीमा प्रबंधन एवं आव्रजन नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच जागरूकता बढ़ाना, क्षमता निर्माण करना तथा आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना था, विशेष रूप से मानव तस्करी की रोकथाम, पहचान एवं मामलों के प्रभावी निपटान के संदर्भ में। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री संजीव कुमार, द्वितीय कमांडेंट, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री रत्नाकर यादव, प्रबंधक द्वारा किया गया। स्वागत संबोधन डॉ. रेखा रायकर कुमार, आईसीसी सदस्य एवं सदस्य (वित्त), एलपीएआई मुख्यालय ने दिया, जिसमें उन्होंने सीमा क्षेत्रों पर मानव तस्करी की बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए सभी लाइन विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री विकास कृष्णा, अवर सचिव (वित्त) ने विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की और मानव तस्करी निरोधक पहलों को सशक्त बनाने में संस्थागत सहयोग, नीति ढांचे एवं वित्तीय व्यवस्थाओं के महत्व पर अपने विचार साझा किए।प्रशिक्षण के दौरान भारत एवं नेपाल के प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में कानूनी प्रावधान, पीड़ितों की पहचान एवं बचाव, सीमा-पार तस्करी की प्रवृत्तियाँ, पुनर्वास तंत्र, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा आईसीपी पर कार्यरत फ्रंटलाइन अधिकारियों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रमुख प्रशिक्षकों में श्री संजय कुमार (जागरण कल्याण भारती), सुश्री गीतांजलि शर्मा (मैती नेपाल), सुश्री अर्पिता मित्रा रॉय, श्री भास्कर चौधरी, श्री समीर प्रधान (नवा अभियान, नेपाल) एवं श्री शम्भु के.आर. रजक (एडीसीपीयू, अररिया) शामिल रहे।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एलपीएआई, एसएसबी, प्लांट क्वारंटाइन स्टेशन (पीक्यूएस), इमिग्रेशन/ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) तथा स्थानीय लोक स्वास्थ्य इकाई (एलपीएचयू) से कुल 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, चर्चाओं एवं प्रश्नोत्तर सत्रों से उनके उत्साह एवं विषय की गहन समझ का स्पष्ट परिचय मिला।दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ। यह कार्यक्रम सीमा प्रबंधन एजेंसियों के बीच मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता, तैयारी एवं आपसी समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रतिभागी अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से उपयोग करेंगे।