अररिया (बिहार) ◆जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के तत्वावधान में दिनांक 13 जनवरी 2026 को नवचयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गुंजन कुमार पाण्डेय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया ने की।अपने संबोधन में श्री पाण्डेय ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका समाज के आम, असहाय एवं वंचित वर्गों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक अभाव के कारण न्याय तक नहीं पहुँच पाते। ऐसे लोगों को न्याय दिलाने में पारा विधिक स्वयं सेवक सेतु का कार्य करते हैं।कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि पारा विधिक स्वयं सेवक के रूप में कार्य करते हुए उन्हें नियमों के अंतर्गत हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि असहाय लोगों को न्याय एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में भी विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।
और भी प्रशिक्षक जैसे श्री शंभु कुमार रजक, ए.डी.सी.पी.यू. अररिया, श्री दिपक कुमार वर्मा, अध्यक्ष, सी.डब्ल्यू.सी. अररिया, श्री बबलु कुमार पाल, सी.पी.यू. अररिया, श्री प्रमानंद मंडल, सी.डब्ल्यू.सी. सदस्य, जीविका अररिया के पदाधिकारी - श्रीमती चंदा कुमारी तथा मनोवैज्ञानिक श्री शुभम कुमार ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम के मंच संचालन में श्री उमर फारूक, लिपिक, एल.ए.डी.सी.एस. ने की। इस अवसर पर कुल 50 पारा विधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर विधिक जागरूकता को मजबूत करना एवं जरूरतमंद लोगों को न्याय प्रणाली से जोड़ना रहा। शेष 50 पारा विधिक स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण दिनांक 15.01.2026.
रिपोर्टिंग
विकाश कुमार सिंह,अररिया,बिहार