किशनगंज (बिहार) ◆अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने किशनगंज के इंटर हाई स्कूल परिसर में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी विशाल राज को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें स्कूल परिसर का दुरुपयोग रोकने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की अपील की गई। वर्ष 1887 में स्थापित यह इंटर हाई स्कूल जिले की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक धरोहर है, जहाँ 2000 से अधिक छात्र-छात्राएँ शिक्षा ग्रहण करते हैं। एबीवीपी का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से स्कूल परिसर के भवनों का उपयोग अन्य विभागों के कार्यालयों और गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। इससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और खेल मैदान सहित अन्य सुविधाएँ खतरे में पड़ गई हैं।एबीवीपी के विभाग संयोजक अमित मंडल ने कहा कि शिक्षा और खेल के अतिरिक्त किसी भी बाहरी गतिविधि का संचालन परिसर में अवैध है। उन्होंने इस दुरुपयोग का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह स्कूल जिले की धरोहर है, लेकिन इसके दुरुपयोग से शैक्षणिक माहौल बिगड़ रहा है, जो छात्रों के भविष्य के लिए हानिकारक है।जिला संयोजक दीपक चौहान ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि स्कूल परिसर में वृद्धाश्रम या अन्य विभागीय निर्माण की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इसे 2000 से अधिक छात्रों के भविष्य और उनके खेल - कूद के मैदान के साथ खिलवाड़ बताया। चौहान ने सवाल उठाया कि जिले में वृद्धाश्रम बनाने के लिए कई अन्य स्थान उपलब्ध होने के बावजूद स्कूल परिसर का उपयोग क्यों किया जा रहा है, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास प्रभावित होगा।जिला मीडिया प्रभारी साहिल साहा ने जोर देकर कहा कि
स्कूल परिसर का उपयोग केवल छात्रों के सर्वांगीण विकास
के लिए होना चाहिए। उन्होंने किसी भी गैर-शैक्षणिक या
गैर-विभागीय निर्माण की अनुमति न देने की मांग की और
जिला पदाधिकारी से ऐसी किसी भी भविष्य की योजना को
तुरंत रोकने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विजय राय,नगर सह मंत्री श्रीकांत कुमार, आयुष गुप्ता सहित कई एबीवीपी कार्यकर्ता उपस्थित थे। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।