अररिया (बिहार) ◆अररिया। अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना के निर्देश पर संचालित 'नया सवेरा 3.0' अभियान के तहत मंगलवार (22 जुलाई 2026) को अररिया जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), अररिया जिला पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।अभियान का मुख्य उद्देश्य अररिया जिले को बाल श्रम मुक्त, बाल मानव तस्करी मुक्त, बाल विवाह मुक्त तथा नशा मुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाना है। अभियान के दौरान विभिन्न बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया गया। आम नागरिकों, दुकानदारों, यात्रियों और अभिभावकों से संवाद स्थापित कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान टीम ने लोगों को बताया कि बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय भी हैं। ऐसे अपराधों को रोकने में समाज की सतर्कता और समय पर सूचना देना सबसे प्रभावी कदम है।अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि यदि किसी भी स्थान पर किसी बच्चे से मजदूरी कराई जा रही हो, किसी नाबालिग का विवाह कराया जा रहा हो अथवा किसी बच्चे की मानव तस्करी की आशंका दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या आपातकालीन सेवा 112 पर दें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, जिससे बिना किसी डर के लोग आगे आकर बच्चों की सुरक्षा में सहयोग कर सकें।
टीम ने यह भी कहा कि बाल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। प्रत्येक नागरिक की जागरूकता और संवेदनशीलता से ही बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।कार्यक्रम के दौरान लोगों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा सरकारी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
'नया सवेरा 3.0' अभियान के माध्यम से अररिया जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा का अधिकार और शोषणमुक्त वातावरण मिल सके। अभियान से यह संदेश दिया गया कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और नशे जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
रिपोर्टिंग
विकाश कुमार सिंह,अररिया,बिहार