सर्पदंश से 6 वर्षीय मासूम की मौत, परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही और सरकारी जमीन पर बने भवन को बताया हादसे की वजह

अररिया (बिहार) ◆पलासी प्रखंड क्षेत्र में सर्पदंश से 6 वर्षीय मासूम सुशांत कुमार की मौत के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। मृतक के पिता रोहित मंडल, पिता अकेश्वर मंडल, ग्राम डाला वार्ड संख्या-5 ने पलासी थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पलासी के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।आवेदन के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को सुशांत कुमार मजलिसपुर चौक पर स्थित एक भवन के पास था। इसी दौरान उसे गेहुअन सांप ने दो बार डंस लिया। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पलासी ले गए। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. तनवीर आलम ने तत्काल उपचार शुरू नहीं किया और लक्षण आने का इंतजार करने की बात कही। बाद में जब बच्चे की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, तब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जहागीर आलम ने एंटी स्नेक वेनम दिया। इसके बाद उसे सदर अस्पताल अररिया रेफर किया गया, जहां से चिकित्सकों ने पूर्णिया रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि पूर्णिया ले जाने के दौरान रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।आवेदन में मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि मजलिसपुर चौक पर पंकज थनदार एवं सुरेश मंडल द्वारा सरकारी जमीन पर भवन बनाकर किराये पर दिया गया है। उनका आरोप है कि भवन की समुचित देखरेख नहीं होने के कारण वहां झाड़-झंखाड़ और सांपों का खतरा बना रहता है, जिसके कारण यह हादसा हुआ। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस मामले में ग्रामीणों एवं सरकारी कर्मचारियों को गुमराह किया गया।आवेदन में पैक्स अध्यक्ष हजारी प्रसाद मंडल, राजेश मंडल, अमोद कुमार, चंचल कुमार, परमेश्वर कुमार, मुखिया प्रभु चंद विश्वास, दिलीप मंडल, सुंदर ठाकुर, किशन लाल ठाकुर, मजलिसपुर चौक अध्यक्ष रामानंद सरदार, रविंद्र मंडल सहित अन्य ग्रामीणों का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।इधर, पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं चिकित्सकों एवं भवन निर्माण से जुड़े लोगों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।