अररिया (बिहार) ◆ पलासी प्रखंड अंतर्गत दिघली पंचायत के ईटीसी भवन में मंगलवार को “सबका सम्मान–जीवन आसान” अभियान के तहत सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। सुबह से ही ईटीसी भवन परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही।शिविर की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कुमार अनिकेत ने की। मौके पर अंचलाधिकारी अंशु कुमार सिंह, राजस्व पदाधिकारी विदिशा सिंह, थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, बीपीआरओ अखिलेश कुमार, वीडियो पीओ अख्तर आलम, बीपीओ शब्बीर आलम, एमओ कुमुद सिंह, बीएओ अनुराग विश्वास, पंचायत के मुखिया समद अली, समाजसेवी मो. अली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, बिजली, कृषि, मनरेगा, मत्स्य, आयुष्मान भारत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, थाना और आंगनबाड़ी सहित विभिन्न विभागों के अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। ग्रामीणों ने संबंधित काउंटरों पर पहुंचकर अपनी समस्याएं एवं आवेदन दर्ज कराए।पूर्व से किए गए प्रचार-प्रसार के कारण शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचने लगे। अधिकारियों एवं कर्मियों ने लोगों की समस्याओं को बारी-बारी से सुना और संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान अंचलाधिकारी अंशु कुमार सिंह ने कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमानुसार समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समयबद्ध समाधान हो।वहीं बीडीओ कुमार अनिकेत ने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।शिविर के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से ग्रामीणों को काफी सहूलियत मिली। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना कई समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया आसान हो रही है।